by admin | Nov 17, 2017 | Articles, Volume 2
यथा धेनुसहस्त्रेषु वत्सो विन्दति मातरम्। तथा पूर्वकॄतं कर्म कर्तारमनुगच्छत्॥ A calf recognizes its mother among thousands of cows; similarly, previous deeds go with the doer. जिस प्रकार एक बछड़ा हजार गायों के बीच में अपनी माँ को पहचान लेता है, उसी प्रकार पूर्व में किये...
by admin | Nov 17, 2017 | Articles, Volume 2
परीक्षण संख्या – १ श्रीमद्भगवद्गीता के प्रथम अध्याय पर आधारित विषाद-वृत्ति परीक्षण मैं स्वव्यवहार से समझता / समझती, जानता / जानती, मानता / मानती हूँ कि मैं _ _ _ मेरे अंग ढीले होते जाते हैं। (सीदन्ति मम गात्राणि)[1] हाँ / नहीं/ पता नहीं मुख...